मुंबई, 19 जनवरी 2026 – ब्रिक मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने नगर निकाय चुनावों में जीत के बाद पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की। उन्होंने पार्षदों को बधाई दी और वार्डों में स्वच्छता, जल संकट व समग्र विकास को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। शिंदे ने स्पष्ट कहा कि BMC का अगला मेयर महायुति से ही होगा।
शिंदे का दावा: BJP नंबर-1, शिवसेना जल्द दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
शिंदे ने कहा कि मुंबई की जनता ने विकास को अपनाया है और विकास-विरोधी सोच को खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में BJP नंबर एक पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिवसेना थोड़े समय में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। डिप्टी सीएम ने पार्षदों से नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने, पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने और आधारभूत ढांचे, सफाई व जल आपूर्ति पर फोकस करने को कहा।
उधर, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बड़ा दांव खेला है। सूत्रों के मुताबिक, अगर BJP का मेयर बना तो उनके 65 पार्षद वोटिंग से दूर रहेंगे। इससे BJP को किसी सहयोगी की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि वह अपने 89 पार्षदों के दम पर जादुई आंकड़े तक पहुंच जाएगी। शिवसेना-शिंदे के 29 पार्षद हैं। यह चाल शिंदे के लिए टेंशन बढ़ा सकती है।
BMC का गणित: उद्धव की चाल से BJP को शिंदे पर निर्भरता नहीं
BMC में कुल 227 सीटें हैं – BJP के 89, उद्धव शिवसेना के 65 और शिंदे शिवसेना के 29 पार्षद। अगर उद्धव गुट वोटिंग से बाहर रहा तो कुल 162 पार्षदों के साथ चुनाव होगा। बहुमत के लिए 82 वोट चाहिए, जबकि BJP के पास 89 हैं। इस तरह BJP अपने दम पर मेयर बना सकती है, और शिंदे से सौदेबाजी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि महायुति के मेयर बनने के बाद मुंबई में बड़े पैमाने पर विकास होगा। उन्होंने बताया कि BJP को ज्यादा सीटें इसलिए मिलीं क्योंकि उसने अधिक सीटों पर लड़ा, जबकि शिवसेना ने पारंपरिक सीटों पर फोकस किया। गठबंधन ने MNS को कई जगह हराया। निरुपम ने उद्धव ठाकरे को जनता ने नकार दिया बताया और संजय राउत को अफवाह फैलाने वाला कहा। उन्होंने भरोसा जताया कि महायुति एकजुट है और गठबंधन का उम्मीदवार ही मेयर बनेगा।
निरुपम का पलटवार: उद्धव शासन में मुंबई कमजोर हुई
निरुपम ने कहा कि BMC का बजट कई राज्यों से बड़ा है और दुनिया भर से लोग यहां काम के लिए आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव गुट के 25-30 साल के शासन में शहर की व्यवस्था कमजोर हुई। अब ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ से मुंबई तेजी से विकसित होगी। PM मोदी लंबे समय से शहर के समग्र विकास की सोच रखते हैं।
मेयर चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या उद्धव का दांव सफल होगा या महायुति मजबूत पकड़ बनाए रखेगी? विकास की होड़ में मुंबई की सियासत और रोचक हो गई है।

