पटना के मशहूर प्रतियोगी परीक्षा शिक्षक खान सर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह बताते नजर आ रहे हैं कि कैसे उन्हें पटना पुलिस और जिलाधिकारी (DM) के गिरफ्तारी आदेश से बचना पड़ा और उन्होंने रातों-रात शहर छोड़कर वृंदावन में पांच दिन तक गुमनाम रहने का निर्णय लिया।
🧠 वायरल बयान में क्या कहा गया?
- यह वीडियो खान सर ने खुद रिकॉर्ड किया है, जिसमें वे मज़ाकिया और थ्रिलर-जैसी स्टाइल में बताते हैं कि पुलिस उन्हें ढूंढ रही थी और वह एफआईआर के डर से भाग गए।
- पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने मोबाइल वहीं छोड़ दिया, ताकि मोबाइल-टावर लोकेशन उन्हें पकड़ने में मदद न करे।
- उन्होंने अपनी कार से Fastag हटा दिया और नकद भुगतान कराकर टोल पार किया, ताकि टोल प्लाज़ा रिकॉर्ड उन्हें ट्रैक न कर सके।
- पुलिस को गुमराह करने के लिए खान सर अपनी कार दिल्ली भेज दी, जबकि वे खुद ऑटो-रिक्शा लेकर वृंदावन की ओर निकल गए।
🛕 वृंदावन में कैसे बिताए 5 दिन?
खान सर के अनुसार, वृंदावन पहुंचने पर उन्होंने
- मोबाइल फोन नहीं रखा और चैन से साधु-संतों के बीच रहते हुए भक्ति-भावना में समय बिताया,
- वहां की सुबह-दोपहर की शुद्ध हवा और प्रसिद्ध कचौड़ियों का आनंद लिया,
- और खुद को कृष्ण की भक्ति में डुबो दिया।
❓ यह मामला कब का है?
वीडियो में कोई स्पष्ट तारीख नहीं दी गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा कुछ पुराने विवादों से जोड़ी जा रही है— जैसे कि RRB-NTPC रिजल्ट विरोध प्रदर्शन (2022) और BPSC परीक्षा आंदोलन (दिसंबर 2024) के दौरान छात्रों का प्रदर्शन, जिनमें कुछ कोचिंग संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।
📌 संक्षेप:
खान सर का यह वायरल वीडियो उनके एक मज़ाक-भरे किस्से जैसा है जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पुलिस की तलाश से खुद को बचाया और वृंदावन में कुछ दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से समय बिताया। यह कहानी सोशल मीडिया पर मनोरंजन की तरह फैल रही है, लेकिन किसी आधिकारिक गिरफ्तारी या पुलिस रिपोर्ट के साथ इसे पुख्ता प्रमाणित नहीं किया गया है।
