मुख्य समाचार
- प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत ने आदेश दिया है कि Swami Avimukteshwaranand Saraswati और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ बाल यौन शोषण के आरोपों पर FIR (आपराधिक शिकायत) दर्ज की जाए। अदालत की यह कार्रवाई POCSO एक्ट के तहत हुई है।
- आदेश के बाद पुलिस को इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
- कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट सहित सुनवाई के आधार पर यह निर्णय सुरक्षित किया है और अब FIR दर्ज होने से जांच औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।
- यह मामला यौन शोषण के गंभीर आरोपों से जुड़ा है और अदालत के फैसले को इस वजह से बड़ा कदम माना जा रहा है।
📌 मामले की पृष्ठभूमि
- शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दर्ज कराई थी, जिन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों का शोषण और अन्य अवैध गतिविधियाँ उस आश्रम और गुरुकुल में हो रही हैं।
- 13 फरवरी 2026 को अदालत में दोनों नाबालिग बच्चों के बयान रिकॉर्ड किए गए थे, जो सुनवाई का हिस्सा थे।
⚖️ अब आगे क्या होगा?
- FIR दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपों की गहन जांच करेगी, और आवश्यक सबूत इकट्ठा किए जाएंगे।
- जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और मामला न्यायलय में सुनवाई के लिए आगे बढ़ेगा।
👉 यह मामला अभी जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है, और कोर्ट का आदेश FIR दर्ज करने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

