पुणे, महाराष्ट्र (20 फ़रवरी 2026) – पुणे में एक अनूठा मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति के ख़िलाफ़ अदालत में शिकायत दर्ज कराई क्योंकि पति ने विवाह के दौरान कभी भी सहमतिपूर्वक शारीरिक संबंध नहीं बनाया। पत्नी का कहना था कि यह रिश्ता सिर्फ़ नाम मात्र का विवाह बनकर रह गया और शादी के वास्तविक दायित्व पुरे नहीं हुए।
👩⚖️ क्या हुआ कोर्ट में?
पंचवाई के दौरान पति ने भी स्वीकार किया कि विवाह के बाद शारीरिक संबंध कभी स्थापित नहीं हुए। इस स्वीकारोक्ति के आधार पर अदालत ने विवाह को कानूनी रूप से निरस्त (nullify) कर दिया। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हुआ कि वैवाहिक दायित्वों और सहमति पर आधारित संबंधों की गंभीरता को न्यायालय गंभीरता से देखता है।
📌 महत्वपूर्ण बातें:
- शादी पंजीकृत विवाह के रूप में हुई थी, लेकिन पति ने पत्नी के साथ संबंध बनाने से इनकार किया।
- पत्नी ने कोर्ट में यह दावा किया कि उसने बार-बार प्रयास किया लेकिन पति ने दूरी ही बनाई रखी।
- दोनों पक्षों की सहमति के बाद अदालत ने विवाह निरस्त करने का आदेश दिया।

