साल 2026 की होली इस बार सिर्फ रंगों और खुशियों की वजह से ही नहीं, बल्कि एक दुर्लभ खगोलीय घटना के कारण भी चर्चा में है। हिंदू पंचांग के अनुसार 3 मार्च 2026 को होली के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। कहा जा रहा है कि करीब 100 साल बाद होली के अवसर पर चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।
क्या है खास संयोग?
इस बार फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है। पूर्णिमा की रात को होलिका दहन और अगले दिन रंगों की होली मनाई जाती है। ऐसे में ग्रहण का प्रभाव धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह चंद्र ग्रहण कुछ राशियों के लिए शुभ संकेत दे सकता है, तो कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी। विशेष रूप से मेष, कर्क, तुला और मकर राशि वालों को स्वास्थ्य और मानसिक तनाव के मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
1. सूतक काल का ध्यान रखें
चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान शुभ कार्य, पूजा-पाठ या नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
2. भोजन न करें
ग्रहण काल में भोजन करना वर्जित माना गया है। खासकर गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
3. मंत्र जाप और ध्यान करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय भगवान के नाम का स्मरण, मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ फलदायी माना जाता है।
4. ग्रहण के बाद स्नान और दान
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना और जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना गया है। इससे नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिक रूप से चंद्र ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसका मानव जीवन पर सीधा नकारात्मक प्रभाव वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग नियमों का पालन करते हैं।
क्यों बढ़ी लोगों की दिलचस्पी?
होली जैसे बड़े त्योहार पर चंद्र ग्रहण का संयोग दुर्लभ होता है। इसलिए देशभर में इस घटना को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। मंदिरों में विशेष पूजा की तैयारी की जा रही है और ज्योतिषी इस संयोग को लेकर अलग-अलग भविष्यवाणियां कर रहे हैं।

