चंदौली/लखनऊ, 12 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दावों-पलटवारों का दौर तेज हो गया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सपा नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के दावे पर चंदौली से समाजवादी पार्टी सांसद वीरेंद्र सिंह ने जोरदार जवाब दिया। उन्होंने केशव मौर्य को ही सपा के संपर्क में बताया और अखिलेश यादव पर फैसला छोड़ा।
सपा सांसद का तीखा प्रहार: “केशव हमारे संपर्क में”
चंदौली में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर तंज कसते हुए कहा कि सिराथू में केशव खुद समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। उन्होंने साफ कहा, “पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव निर्णय लेंगे कि केशव मौर्य को पार्टी में लेना है या नहीं।” इस बयान ने सियासी गलियारों में हंगामा मचा दिया।
सांसद ने प्रभु श्रीराम को भी “समाजवादी” बताते हुए विवाद को नया मोड़ दिया, जिससे चर्चा की आग और भड़क गई।
केशव मौर्य का था आगरा दौरा दावा
दरअसल, मामला तब शुरू हुआ जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आगरा दौरे के दौरान दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कई विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें शामिल नहीं करा रही है। इसी दावे पर सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने चंदौली से पलटवार किया।
यह बयानबीजी- सपा के बीच सियासी जंग को और गरमा देगा।
2027 चुनावी रणनीति का संकेत?
विपक्षी दलों के नेताओं पर “हमारे संपर्क में” वाले दावे यूपी की सियासत में आम हो चुके हैं। केशव मौर्य का बयान सपा को कमजोर दिखाने की कोशिश था, लेकिन सपा सांसद ने उल्टा बीजेपी डिप्टी सीएम को निशाने पर ले लिया। अखिलेश यादव का फैसला अब सबकी नजरों में होगा।
सियासी घमासान तेज, जनता देख रही तमाशा
यह घटनाक्रम यूपी की सियासत को 2027 चुनावी माहौल में झोंक देता है। दोनों पार्टियां एक- दूसरे पर नेताओं को लुभाने का आरोप लगा रही हैं। क्या केशव मौर्य पर सपा का यह दांव उल्टा पड़ेगा? या बीजेपी सपा विधायकों को तोड़ने में कामयाब होगी? अगले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

