लाहौर/अमृतसर, 13 जनवरी 2026: प्यार की खातिर सरहदें लांघने की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन पंजाब के कपूरथला की 52 वर्षीय सरबजीत कौर (Sarabjit Kaur) का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत ने न केवल इस्लाम कबूल कर अपना नाम ‘नूर फातिमा’ (Noor Fatima) रख लिया, बल्कि अब उनकी मौजूदगी को पाकिस्तान में ही ‘सुरक्षा के लिए खतरा’ बताया जा रहा है।
कौन है सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा?
सरबजीत कौर मूल रूप से पंजाब के कपूरथला जिले के अमानिपुर गांव की रहने वाली हैं। वह 4 नवंबर 2025 को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर ननकाना साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे (Sikh Jatha) का हिस्सा थीं । अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान पहुंचने के बाद, वह अचानक जत्थे से गायब हो गईं और भारत वापस नहीं लौटीं।
जांच में खुलासा हुआ कि सरबजीत ने पाकिस्तान पहुंचने के अगले ही दिन, यानी 5 नवंबर 2025 को इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम बदलकर ‘नूर फातिमा’ (कुछ रिपोर्ट्स में नूर हुसैन) रख लिया ।
9 साल पुराना ऑनलाइन प्यार और निकाह
सरबजीत के इस कदम के पीछे की वजह उनका पाकिस्तानी प्रेमी नसीर हुसैन (Naseer Hussain) है, जो लाहौर के पास शेखूपुरा जिले का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच सोशल मीडिया के जरिए पिछले 9 सालों से संपर्क था ।
- सरबजीत (नूर फातिमा) ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है और नसीर से निकाह किया है।
- वीजा की अवधि 13 नवंबर 2025 को खत्म हो जाने के बावजूद वह भारत नहीं लौटीं, जिसके बाद 4 जनवरी 2026 को उन्हें वीजा नियमों के उल्लंघन (Overstaying) के आरोप में गिरफ्तार किया गया था 。
पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा क्यों?
कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब खुद पाकिस्तान के ही सिख नेताओं ने सरबजीत को पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा (Security Threat) बता दिया। पाकिस्तान पंजाब असेंबली के पूर्व सदस्य और सिख नेता सरदार मोहिंदरपाल सिंह ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सरबजीत की गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की मांग की थी ।
उनका तर्क है कि:
- धार्मिक यात्रा (Pilgrimage) की आड़ में इस तरह का गायब होना संदिग्ध है।
- ऐसे “लव मैरिज” के मामलों का इस्तेमाल जासूसी (Espionage) या कट्टरपंथ फैलाने के लिए किया जा सकता है।
- वीजा नियमों का उल्लंघन कर छिपकर रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल, सरबजीत कौर (नूर फातिमा) लाहौर के ‘दारुल अमन’ (शेल्टर होम) में हैं। मेडिकल जांच में उन्हें स्वस्थ पाया गया है । हालांकि, उनकी भारत वापसी अभी अधर में लटकी हुई है।
- सरबजीत ने भारत लौटने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से कहा है कि भारत में उनकी जान को खतरा है और वह अपने पति के साथ पाकिस्तान में ही रहना चाहती हैं ।
- लाहौर हाई कोर्ट ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संघीय सरकार और कैबिनेट से दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है ।
फिलहाल, पाकिस्तान का आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) यह तय नहीं कर पाया है कि उन्हें भारत डिपोर्ट किया जाए या मानवीय आधार पर पाकिस्तान में रहने दिया जाए। मामला अब प्रेम कहानी से बढ़कर कूटनीतिक और सुरक्षा जांच का विषय बन चुका है।

