बेंगलुरु, 14 जनवरी 2026: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 34 वर्षीय महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जलकर मौत का मामला हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या निकला। पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे के साथ मृतका के पड़ोसी 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आग लगाने से पहले उसने महिला का गला घोंट दिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह वारदात 3 जनवरी को बेंगलुरु ईस्ट के सुब्रमण्यमपुरा इलाके में एक अपार्टमेंट में हुई। रात करीब 10:15 बजे पुलिस को फ्लैट में आग लगने की सूचना मिली। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन फ्लैट में रहने वाली डीके शर्मिला (34), जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं, की जली हुई लाश मिली। शुरुआत में इसे शॉर्ट सर्किट का हादसा माना गया।
पोस्टमार्टम ने बदल दी जांच की दिशा
मृतका के करीबी दोस्त की शिकायत पर राममूर्ति नगर पुलिस ने केस दर्ज किया। फोरेंसिक जांच में बिजली की खराबी का कोई सबूत नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने राज खोल दिया—शर्मिला की मौत आग से नहीं, बल्कि दम घुटने (Asphyxia) से हुई थी।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
- तकनीकी सबूतों का कमाल: मोबाइल डेटा, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से पुलिस मृतका के पड़ोसी करनाल कुरई (18 वर्ष) तक पहुंची।
- PUC छात्र और सिंगल मदर का बेटा: आरोपी उसी अपार्टमेंट में अपनी मां के साथ रहता था।
- कबूल लिया जुर्म: सख्त पूछताछ में उसने हत्या कबूल कर ली।
हत्या का प्लान और वारदात
पुलिस के मुताबिक, 3 जनवरी रात 9 बजे आरोपी स्लाइडिंग खिड़की से शर्मिला के फ्लैट में घुसा। उसने जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध पर उसने मुंह-नाक दबाकर गला घोंट दिया, जिससे शर्मिला बेहोश हो गई और मौत हो गई।
हत्या छिपाने के लिए आरोपी ने:
- बेडरूम में कपड़े और सामान इकट्ठा कर आग लगा दी।
- मृतका का मोबाइल फोन ले भागा।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
विराजपेट निवासी करनाल कुरई को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ BNS धारा 103(1), 64(2), 66 और 238 के तहत मुकदमा दर्ज। कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस हिरासत दी है। जांच जारी है।
यह मामला बेंगलुरु में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या अपार्टमेंट्स में CCTV और सिक्योरिटी को मजबूत करने की जरूरत है?

