नई दिल्ली/असम, 14 जनवरी 2026: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिंदू-मुस्लिम जमीन विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि असम में हिंदू से मुस्लिम को जमीन हस्तांतरण नहीं होने दिया जाएगा। हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने इस पर सख्त आदेश जारी किया है। क्या यह घुसपैठ रोकने का कदम है?
गडकरी का वायरल बयान
इमेज में नितिन गडकरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते नजर आ रहे हैं। कैप्शन कहता है: “हिंदू से मुस्लिम को जमीन हस्तांतरण मुस्लिम नहीं करेगा। हिंदू प्रजाति असम में हिमंत सरकार ने जारी किया आदेश। क्या आपदा से बचाव करे?” यह बयान असम के डेमोग्राफिक चेंज को रोकने के संदर्भ में है। गडकरी ने कांग्रेस की वोट बैंक पॉलिटिक्स को हिंदू-मुस्लिम समस्याओं का जिम्मेदार ठहराया।
असम सरकार का फैसला क्या?
- जमीन खरीद पर रोक: असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘लैंड जिहाद’ रोकने के लिए कानून बनाया। दूसरे धर्म/जाति के लोग आदिवासी/दलित हिंदुओं की जमीन नहीं खरीद सकेंगे बिना प्रशासनिक अनुमति के।
- घुसपैठिए पर एक्शन: बांग्लादेशी घुसपैठ से जनसंख्या असंतुलन हो रहा। बुलडोजर एक्शन और NRC जैसी कार्रवाइयां तेज।
- विवादास्पद नीति: विपक्ष ने इसे ‘ध्रुवीकरण’ बताया, लेकिन सरकार इसे असम की संस्कृति बचाने का हथियार कह रही।
पृष्ठभूमि: क्यों विवाद?
असम में बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठ से हिंदू आबादी घूम रही। CM सरमा ने कहा, कुछ इलाकों में मुस्लिम आबादी हिंदुओं के बराबर हो गई। लव जिहाद के साथ लैंड जिहाद रोकना जरूरी। गडकरी ने सर्व धर्म समभाव पर जोर दिया, लेकिन तुष्टिकरण का विरोध किया।
यह फैसला पूरे देश में चर्चा में है। क्या हरियाणा जैसे राज्यों में भी लागू होगा? कमेंट में बताएं।

