परली नगर परिषद में चौंकाने वाला गठबंधन

परली नगर परिषद में चौंकाने वाला गठबंधन

महाराष्ट्र के बीड जिले की परली नगर परिषद में ऐसा गठबंधन सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। अकोला के अकोट में हुए विवादित समीकरण के बाद अब परली में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी और ओवैसी की AIMIM ने मिलकर नया मोर्चा बना लिया है।

परली नगर परिषद में कुल 35 सीटें हैं और हाल ही में हुए चुनाव के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। इसी सत्ता समीकरण को साधने के लिए शिंदे गुट, अजित पवार गुट, AIMIM और कुछ निर्दलीय एक साथ आ गए।


कौन किसके साथ, किसके पास कितनी ताकत?

परली के इस गठबंधन में:

  • एनसीपी (अजित पवार गुट) के 16 नगरसेवक
  • शिंदे गुट की शिवसेना के 2 नगरसेवक
  • AIMIM का 1 नगरसेवक
  • और 4 निर्दलीय शामिल हैं

कुल मिलाकर 24 सदस्य इस नए मोर्चे के साथ हैं, जो 35 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। एनसीपी के तालुका प्रमुख वैजनाथ सोलंके को इस गुट का नेता चुना गया है, जबकि परली के नगराध्यक्ष का पद पहले से ही अजित पवार गुट की एनसीपी के पास है। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा के 7 नगरसेवक इस गठबंधन से पूरी तरह बाहर हैं।


अकोट से परली तक: महायुति पर बढ़ता दबाव

अकोला जिले के अकोट में कुछ दिन पहले भाजपा और एमआईएम के संभावित गठबंधन की कोशिश हुई थी, जिसे भारी विरोध और विवाद के बाद डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप से वापस लेना पड़ा। इसके बाद अब परली में शिंदे गुट की शिवसेना और एनसीपी का AIMIM के साथ खड़ा होना विपक्ष को बड़ा हमला करने का मौका दे रहा है।

शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे ने इस गठबंधन को “ढोंग” बताते हुए कहा कि जो लोग खुद को सिद्धांतों का ठेकेदार बताते हैं, वे अब उन्हीं के साथ सत्ता के लिए समझौता कर रहे हैं, जिनके खिलाफ बोलकर सत्ता तक पहुंचे थे।


सिद्धांत बनाम सत्ता: बयानबाज़ी तेज

अंबादास दानवे ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि परली में शिवसेना–एमआईएम–एनसीपी की युति के बाद शिंदे गुट को अब “सिद्धांतों” की बातें बंद कर देनी चाहिए। उनका सवाल था कि जिनके खिलाफ बोलकर आपने सत्ता की सीढ़ी चढ़ी, आज उन्हीं के साथ गठबंधन करना आपकी असली वैचारिक स्थिति दिखाता है।

जब इस बेमेल गठबंधन पर मीडिया ने उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। दूसरी ओर AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने तंज कसा कि सत्ता के लिए महायुति के लोग ही उनके पीछे घूम रहे हैं, जिससे साफ है कि जमीन पर गणित किस तरह बदल रही है।

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