लखनऊ/संभल, 18 जनवरी 2026: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर मानहानि का मामला दर्ज हो गया है। वकील विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अखिलेश से मात्र ₹1 का हर्जाना मांगा है। यह विवाद उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा से जुड़ा है, जहां अखिलेश ने जैन की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी।
संभल हिंसा के बाद क्या हुआ?
संभल में हाल ही में हुई हिंसा की घटना के बाद अखिलेश यादव ने X (पूर्व ट्विटर) पर विष्णु शंकर जैन की तस्वीर शेयर की थी। इस पोस्ट को जैन ने अपनी छवि को धूमिल करने वाला बताया। जैन का कहना है कि वे संभल मामले में एक वकील के तौर पर अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रहे थे।
कोर्ट में पेशी के दौरान विष्णु शंकर जैन ने कहा, “मैंने संभल मामले में केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था। अखिलेश यादव की पोस्ट से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। इसलिए मैं मानहानि का केस दर्ज करा रहा हूं।” जैन ने हर्जाने के रूप में प्रतीकात्मक रूप से ₹1 ही मांगा है, जो इस मामले को और चर्चा में ला रहा है।
अखिलेश का पक्ष क्या है?
अभी तक अखिलेश यादव या उनकी पार्टी की ओर से इस केस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। संभल हिंसा में पुलिस कार्रवाई और वक्फ बोर्ड विवाद को लेकर अखिलेश पहले ही योगी सरकार पर निशाना साध चुके हैं। यह केस अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, खासकर लोकसभा चुनावों के नजदीक आते हुए।
कोर्ट की अगली सुनवाई कब?
लखनऊ कोर्ट ने अखिलेश यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है। विष्णु शंकर जैन के इस केस ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहां लोग इसे ‘₹1 की मानहानि’ कहकर मजाक उड़ा रहे हैं।
यह घटना सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले सावधानी बरतने की याद दिलाती है। क्या यह केस राजनीतिक बदले की कार्रवाई है या वाकई मानहानि? आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

