नागपुर, 17 जनवरी 2026: महाराष्ट्र नागपुर महानगरपालिका चुनाव में सनसनीखेज उलटफेर। नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम शमीम खान की पत्नी अलीशा ने AIMIM टिकट पर प्रभाग 3D से 9,295 वोटों से जीत दर्ज की। हिंदू बहुसंख्यक इलाके में BJP को 7,445 वोट मिले।
हिंदू वोटर घरों में कैद, अलीशा की जीत का राज
64,500 आबादी वाले प्रभाग में 31,000 हिंदू, 24,000 मुस्लिम वोटर। अलीशा ने BJP को 1,850 वोटों से हराया। AIMIM ने 4 में से 3 सीटें जीतीं, BJP को सिर्फ 1 SC रिजर्व। पहले BJP के पास 3 सीटें थीं।
मुस्लिम इलाकों में मस्जिदों से वोटिंग की अपील:
- 65%+ वोटिंग मुस्लिम बूथ्स पर (संघर्ष नगर, निजामुद्दीन कालोनी, महबूब पूरा आदि)
- 40% वोटिंग हिंदू इलाकों में (पांडे की बस्ती, अरविंद नगर, शिवशक्ति नगर आदि)
वोटिंग पैटर्न: सियासी साजिश?
मुस्लिम बहुल इलाके (जोरदार वोटिंग):
- संघर्ष नगर
- निजामुद्दीन कालोनी
- महबूब पूरा
- हामिद नगर
- शाहनवाज ले आउट
हिंदू बहुल इलाके (कम वोटिंग):
- पांडे की बस्ती
- अरविंद नगर
- संगम नगर
- पवन नगर
- नागसेवन
BJP की हार के 3 बड़े कारण
- एंटी-इनकंबेंसी: पुराने BJP पार्षदों पर विकास न करने का आरोप
- वोट कटाई: AAP (3,529 वोट), कांग्रेस (6,003 वोट) ने BJP वोट छीने
- कैडर फेल: हिंदुत्व नेता की पत्नी को टिकट न देकर पुरानी नेत्री चुनी
वोटों का हिसाब
| पार्टी | वोट |
|---|---|
| AIMIM | 9,225 |
| BJP | 7,445 |
| कांग्रेस | 6,003 |
| AAP | 3,529 |
फहीम का पुराना इतिहास
नागपुर दंगों (2025) के मास्टरमाइंड फहीम पहले नितिन गडकरी के खिलाफ लोकसभा लड़े। 25 लाख आबादी वाले शहर में सिर्फ 5,000 वोट मिले। अब पत्नी की जीत से मुस्लिम इलाकों में लोकप्रियता बढ़ी।
BJP पर सवाल: RSS गढ़ में हिंदू वोटर घरों में क्यों रहे? AIMIM का दबदबा बढ़ा।

