नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026: किराए के नियमों में बड़ा बदलाव आ गया है। मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 के तहत 2026 से पूरे देश में नई होम रेंट रूल्स लागू हो गई हैं, जो मकान मालिकों के लिए सख्ती लाती हैं। अब लिखित अनुबंध अनिवार्य, सिक्योरिटी डिपॉजिट सीमित और किराया वृद्धि पर नियंत्रण होगा।
मुख्य बदलाव क्या हैं?
नए नियम किरायेदारों को मजबूत सुरक्षा देते हैं और मकान मालिकों को पारदर्शी प्रक्रिया। सभी आवासीय और व्यावसायिक किराए के समझौते अब लिखित और रेंट अथॉरिटी में 60 दिनों के अंदर पंजीकृत होने अनिवार्य हैं। डिजिटल स्टैंपिंग जरूरी, अनपंजीकृत एग्रीमेंट पर 5,000 रुपये जुर्माना लगेगा।
- सिक्योरिटी डिपॉजिट कैप: आवासीय मकान के लिए अधिकतम 2 महीने का किराया, कमर्शियल के लिए 6 महीने। पहले 10 महीने तक मांगा जाता था।
- किराया वृद्धि: साल में सिर्फ एक बार, 90 दिन की लिखित नोटिस के साथ। अचानक बढ़ोतरी बंद।
- निरीक्षण नियम: मकान मालिक को 24 घंटे पहले नोटिस देना होगा, गोपनीयता का सम्मान।
मकान मालिकों पर क्या असर?
मालिकों को अब तेजी से बेदखली संभव, लेकिन कानूनी प्रक्रिया से। किराया न देने, संपत्ति दुरुपयोग या एग्रीमेंट खत्म होने पर रेंट कोर्ट या ट्रिब्यूनल के जरिए कार्रवाई। अनौपचारिक डील्स खत्म, जो विवाद कम करेगी। महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने आंशिक अपनाया, बाकी जल्द लागू करेंगे।
किरायेदारों को फायदा
किरायेदारों को अचानक बेदखली, किराया हाइक या डिपॉजिट कटौती से सुरक्षा। रखरखाव, नवीनीकरण और रिफंड पर स्पष्ट नियम। विवाद निपटान तेज होगा—रेंट अथॉरिटी, कोर्ट और ट्रिब्यूनल की तीन स्तरीय व्यवस्था।
ये बदलाव किराये बाजार को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएंगे। मकान मालिक और किरायेदार दोनों नए नियमों का पालन करें ताकि विवाद न हों।


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