राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा कस्बे में राजनीतिक भूचाल आ गया। हाईकोर्ट जोधपुर के स्टे ऑर्डर से कांग्रेस नेता नरेंद्र खोड़निया ने नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा कब्जा जमा लिया। समर्थकों ने मिठाई बांटी, कांग्रेस खेमे में ‘सत्य की जीत’ का नारा गूंजा। लेकिन ट्विस्ट – BJP के आशीष गांधी भी कुर्सी पर डटे, अब एक ऑफिस में दो ‘अध्यक्ष’!
हाईकोर्ट का धमाका: निलंबन पर रोक, खोड़निया एक्शन में
13 जनवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने खोड़निया के निलंबन पर स्थगन दे दिया। आरोप निराधार बताते हुए कोर्ट ने कहा – नरेंद्र गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकते। अगले दिन सुबह 10 बजे खोड़निया समर्थकों के साथ नप कार्यालय पहुंचे, नेमप्लेट लगाई, पत्रों पर साइन किए। राज्य सरकार को ईमेल भेजा। खोड़निया बोले – “ये साजिश थी मेरी छवि बर्बाद करने की, कोर्ट ने सच दिखा दिया!”
BJP का पलटवार: ‘बिना ऑर्डर कुर्सी पर मत बैठो!’
BJP अध्यक्ष आशीष गांधी ने तीखा रुख अपनाया। कहा – “हाईकोर्ट ने सिर्फ स्टे दिया, सीधे कुर्सी न लो। ये कानूनन गलत!” 15 जनवरी तक स्थिति bizarre – एक टेबल, दो कुर्सियां! खोड़निया एक तरफ, गांधी दूसरी तरफ। आयुक्त कन्फ्यूज, सरकार से मार्गदर्शन मांग लिया।
कांग्रेस vs BJP: कुर्सी की जंग के मुख्य पॉइंट्स
- कांग्रेस दावा: स्टे = बहाली, खोड़निया असली चेयरमैन।
- BJP स्टैंड: लिखित ऑर्डर का इंतजार, गांधी अभी अध्यक्ष।
- कोर्ट ऑर्डर: निलंबन रद्द पर निष्पक्ष विचार, कोई प्रभाव नहीं।
- समर्थक ड्रामा: मिठाई वितरण, नारे, नेमप्लेट चेंज।
आगे क्या? सागवाड़ा की सियासत में अगला ट्विस्ट
खोड़निया ने शहर स्वच्छता, सुविधाएं, पारदर्शिता का वादा दोहराया। भरत भट्ट, ललित पंचाल जैसे नेता साथ। BJP चुप नहीं बैठेगी, सरकार फैसला लेगी। सागवाड़ा में विकास रुका या नया दौर शुरू?

