कोलकाता, 17 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ED की रेड में दखल देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और 5 बड़े झटके दिए हैं। पूरे देश में सियासी बवाल मच गया है।
ED रेड में ममता का ‘स्टंट’
8 जनवरी को कोलकाता में ED ने I-PAC ठिकानों पर छापेमारी की। ममता अचानक पहुंचीं और फाइलें-लैपटॉप लेकर निकल गईं। TMC का दावा था ये पार्टी दस्तावेज हैं। कोर्ट ने इसे जांच में बाधा माना और साफ कहा – केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल गंभीर अपराध है।
सुप्रीम कोर्ट के 5 झटके
कोर्ट ने ममता सरकार को कड़ा संदेश दिया:
- ममता और WB सरकार को नोटिस जारी।
- ED अधिकारियों के खिलाफ FIR पर तत्काल रोक।
- राजनीतिक आड़ में जांच रोकना अस्वीकार्य।
- सभी CCTV फुटेज और साक्ष्य संरक्षित रखने का आदेश।
- DGP हटाने की ED मांग पर विचार।
कोर्ट में गरमागरम बहस
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ED कार्रवाई को वैध बताया। कपिल सिब्बल ने ममता को ‘पार्टी प्रमुख’ कहा, लेकिन कोर्ट ने दलीलें खारिज कर दीं। कोलकाता HC ने पहले ही TMC याचिका ठुकरा दी थी।
3 फरवरी को अगली सुनवाई
SC ने अगली सुनवाई 3 फरवरी तय की। CBI जांच, FIR या जेल की आशंका। बंगाल चुनाव से पहले ममता की मुश्किलें बढ़ीं। विपक्ष हमलावर, TMC में हलचल। #MamataVsED ट्रेंड कर रहा है।

