हर साल रमज़ान के महीने में “इफ्तार” शब्द खूब सुनने को मिलता है। सोशल मीडिया से लेकर मस्जिदों और घरों तक — हर जगह इफ्तार की चर्चा होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इफ्तार का असली मतलब क्या होता है और इसका हिंदी में क्या अर्थ है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।
🌙 इफ्तार क्या होता है?
इफ्तार वह प्रक्रिया है जब मुसलमान रोज़ेदार पूरे दिन का रोज़ा खोलते हैं। रोज़ा सुबह सूर्योदय से पहले शुरू होता है और सूर्यास्त के बाद खत्म किया जाता है। जैसे ही सूर्यास्त होता है, रोज़ेदार खजूर और पानी से रोज़ा खोलते हैं — इसी को इफ्तार कहा जाता है।
रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का पवित्र महीना है, जिसमें कुरआन शरीफ का अवतरण माना जाता है। इफ्तार रोज़े का समापन है और इसे बहुत ही पवित्र व भावनात्मक पल माना जाता है।
📖 ‘इफ्तार’ का हिंदी में मतलब क्या है?
“इफ्तार” अरबी शब्द है, जो “फतर” (फतह/तोड़ना) से बना है।
इसका हिंदी में अर्थ होता है — उपवास खोलना या व्रत तोड़ना।
यानि पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद जब रोज़ा खोला जाता है, वही इफ्तार कहलाता है।
🕌 कब और कैसे किया जाता है इफ्तार?
- इफ्तार सूर्यास्त के समय किया जाता है।
- परंपरा के अनुसार पहले खजूर और पानी से रोज़ा खोला जाता है।
- इसके बाद नमाज़ अदा की जाती है और फिर भोजन किया जाता है।
- कई जगह सामूहिक इफ्तार का आयोजन होता है, जहां लोग मिलकर रोज़ा खोलते हैं।
🤝 इफ्तार का सामाजिक महत्व
इफ्तार सिर्फ रोज़ा खोलने का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, दान और साझा खुशी का प्रतीक भी है। कई शहरों में इफ्तार पार्टियां आयोजित होती हैं, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग भी शामिल होते हैं। इससे सामाजिक सौहार्द बढ़ता है।

