ईरान (Iran News): वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नजरें ईरान पर टिक गई हैं। ईरान में सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने तेहरान को अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी दे दी है। क्या अमेरिका अब ईरान पर हमला करने वाला है? आइए जानते हैं इस टकराव का भारत और दुनिया पर क्या असर होगा।
ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात, ‘गोली मारने’ के आदेश
ईरान में हिजाब और आजादी को लेकर महिलाएं सड़कों पर हैं और सर्वोच्च नेता खामेनेई का विरोध कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 116 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और 2600 से अधिक गिरफ्तार हुए हैं।
ईरानी सरकार का आरोप है कि ये प्रदर्शन अमेरिका को खुश करने के लिए किए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि लोग अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें, वरना गोली लगने पर सरकार जिम्मेदार नहीं होगी।
ट्रंप की चेतावनी: ‘आजादी की ओर देख रहा ईरान’
ईरान के बिगड़ते हालातों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “ईरान अब आजादी की तरफ देख रहा है।” उन्होंने साफ किया कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलनी बंद नहीं हुईं, तो अमेरिकी सरकार चुप नहीं बैठेगी। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप को ईरान पर सैन्य हमलों (Military Strikes) के विकल्पों पर ब्रीफिंग दी गई है, जिसमें तेहरान के गैर-सैन्य स्थलों को निशाना बनाना शामिल है।
क्या वेनेजुएला जैसा होगा एक्शन?
हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया है और वहां की तेल कंपनियों को अपने कंट्रोल में ले लिया है। अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप ईरान के साथ भी ऐसा ही करेंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में वेनेजुएला जैसी कार्रवाई आसान नहीं होगी। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी उन ईरानी सैन्य टुकड़ियों को निशाना बना सकते हैं जो प्रदर्शनकारियों को कुचल रही हैं।
अगर युद्ध हुआ तो दुनिया (और भारत) का क्या होगा?
ईरान ने धमकी दी है कि अगर उन पर हमला हुआ तो वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल (Israel) पर जवाबी हमला करेगा। इसके परिणाम भयानक हो सकते हैं:
- तेल की कीमतें (Oil Crisis): ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को ब्लॉक कर सकता है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। ऐसा हुआ तो भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।
- अमेरिकी ठिकानों पर खतरा: मध्य पूर्व (बहरीन, कतर, सऊदी अरब, इराक) में मौजूद अमेरिका के 19 सैन्य ठिकानों और वहां तैनात 40,000 सैनिकों पर मिसाइल या ड्रोन हमले हो सकते हैं।
- इजराइल पर हमला: ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और हूती विद्रोही इजराइल पर भीषण हमला कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता फैलेगी।
निष्कर्ष: लाखों जानों का जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान पर हमला करने से शरणार्थी संकट पैदा होगा जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा होगा। अमेरिका को ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है और लाखों लोगों की जान जा सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।

